Love Stories | पिरितिया के खेल
पिरितिया के अदभुत खेल
मडई पर इन सभी बातों का कोई असर नहीं पडता. तब गांव वालों ने धमकी दी कि डोमिनिया से मिलल, ओकरा से बोलल बतियावल छोड द, ना तो गांव और जाति, दुनों से निकाल देबल जाई. मडई अपनी धुन में थे, यह धमकी भी बेअसर. जब कोई बहुत छेडे तो मडई बस इतना ही कहते- हमार बात क ेले के गांव काहे परेषान बा और जेकरा जे करेके बा, करे, अब हमार जीवनसंगीनी तो सुगमोनवा ही बनीे
एहो देखीं जा
खूंटे में मोर दाल है, का खाउं-का पीउं, का ले के परदेस जाउं...
भोजपुरी लोकगीत में जीवन के मर्म






