Cinema | फिलिम-सिलिम
एहो देखीं जा
‘‘ बुद्धिजीवियों और शुद्धतावादियों को सक्सेस चीजें बर्दाश्त नहीं होती’’ं
काश! ‘दामुल के रास्ते चलता बाॅलीवुड लेकिन वह तो सपना दिखानेवाला संसार रचने में ही लगा रहा
साधारण कहानी, असाधारण संवाद-गांव के ठेठ मुहावरों के साथ देसी छौंके
25 साल पहले का बिहार, 25 साल पहले की एक फिल्म






