25 Yrs of NKP | नदिया के पार के 25 बरिस
एहो देखीं जा
‘‘ बुद्धिजीवियों और शुद्धतावादियों को सक्सेस चीजें बर्दाश्त नहीं होती’’ं
काश! ‘दामुल के रास्ते चलता बाॅलीवुड लेकिन वह तो सपना दिखानेवाला संसार रचने में ही लगा रहा
साधारण कहानी, असाधारण संवाद-गांव के ठेठ मुहावरों के साथ देसी छौंके
25 साल पहले का बिहार, 25 साल पहले की एक फिल्म
भोजपुरी सिनेमा: भंवरजाल के 50 साल
‘‘वे खुद को खेवनहार बताते हैं, मुझे बहुत तरस आता है उनपर’’
बंजर जमीन अभी तो उपज लायक हुआ है
50वें साल में शर्मनाक दौर से गुजर रहा है भोजपुरी सिनेमा
भोजपुरी फिल्मों की दुनिया धोखाधड़ी की दुनिया है- मैनेजर पांडेय






